चेन्नई , जनवरी 23 -- तमिलनाडु के वन एवं खादी मंत्री आर एस राजकन्नप्पन की अध्यक्षता में यहां टाइगर रिज़र्व के लिए टाइगर कंज़र्वेशन फ़ाउंडेशन, तमिलनाडु ट्रस्ट की संचालक मंडल की बैठक यहाँ राज्य सचिवालय हुई।
यहाँ एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी है।
विज्ञप्ति के अनुसार श्री राजकन्नप्पन की अध्यक्षता में हुयी इस बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें राज्य के टाइगर रिज़र्व के सभी पाँच टाइगर कंज़र्वेशन फ़ाउंडेशन, कलाकड़ मुंडनथुराई टाइगर रिज़र्व, अनामलाई टाइगर रिज़र्व, मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व, सत्यमंगलम टाइगर रिज़र्व और श्रीविल्लिपुथुर-मेगामलाई टाइगर रिज़र्व शामिल हुए। टाइगर रिज़र्व के लिए टाइगर कंज़र्वेशन फ़ाउंडेशन वाइल्डलाइफ़ (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1972 के सेक्शन 38 एक्स के तहत बनाए गए हैं।
बैठक में विधायक और स्थानीय समुदाय के नामित प्रतिनिधि , गैर सरकारी संगठनों और विशेषज्ञ शामिल हुए। सदस्यों ने रिज़र्व और उन पर निर्भर स्थानीय समुदाय के सुधार के लिए अपने विचार और सुझाव साझा किए।
बैठक में ट्रस्ट के कामकाज की समीक्षा की गयी और ऑपरेशन के सालाना योजना को मंज़ूरी दी। बैठक के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक और मुख्य वन्यजीव संरक्षक ने अपने-अपने क्षेत्र निदेशकों के साथ हर टाइगर रिजर्व के काम को पेश किया।
मंत्री ने टाइगर कंजर्वेशन में विभाग की कोशिशों की तारीफ की और अधिकारियों को वन्यजीव और स्थानीय समुदाय के फायदे के लिए काम करने का निर्देश दिया।
श्री राजकन्नप्पन ने विभाग को इकोटूरिज्म गतिविधियों को मजबूत और बढ़ावा देकर टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन का राजस्व बढ़ाने के लिए सही कदम उठाने का भी निर्देश दिया।
सभी टाइगर कंज़र्वेशन फ़ाउंडेशन को "ट्रस्ट" के तौर पर रजिस्टर किया गया था और ट्रस्ट की एक्टिविटीज़ टाइगर रिज़र्व की बायोडायवर्सिटी और नेचुरल रिसोर्स को बचाने और लोकल कम्युनिटीज़ को शामिल करने वाले इको-डेवलपमेंट इनिशिएटिव्स को बढ़ावा देने के इर्द-गिर्द घूमती हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित