श्रीगंगानगर , जनवरी 24 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर में टांटिया यूनिवर्सिटी की क्लोन वेबसाइट बनाकर फर्जी डिग्रियां और मार्कशीट जारी करने के बड़े रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
इस मामले की शुरुआत टांटिया यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ विनोद कुमार की शिकायत से हुई थी, जिसमें उन्होंने फर्जी वेबसाइट के जरिए यूनिवर्सिटी की डिग्रियां जारी करने का आरोप लगाया था। पुलिस का मानना है कि यह एक बड़ा गिरोह हो सकता है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि मामले की जांच कर रहे सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक सुभाष चंद्र ढील और दल ने शुक्रवार को देर शाम उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के ननौता थाना क्षेत्र में दबिश देकर विशाल नामक युवक को गिरफ्तार किया। विशाल को आज श्रीगंगानगर की एक अदालत मेंपेश किया गया, जहां से उसे 27 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि विशाल बीसीए है और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है। उसके फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर प्रोफाइल और चैनल हैं, जहांवह साइबर संबंधी कार्यों से जुड़ी सामग्री साझा करता है। यूट्यूब पर उसका चैनल 'टेक्नो स्मार्टर' नाम से है।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में पहली गिरफ्तारी 22 जनवरी को हुई थी, जब पुलिस ने सर्वजीत सिंह नामक व्यक्ति को पंजाब के मुक्तसर जिले के सवाई मानसिंहनगर से गिरफ्तार किया। सर्वजीत सिंह आईटीआई डिप्लोमा धारक है और उसने ही टांटिया यूनिवर्सिटी की क्लोन वेबसाइट बनाई थी। इस फर्जी वेबसाइट के जरिए वह युवाओं को फर्जी डिग्रियां और मार्कशीट जारी करके मोटी रकम वसूलता था। सर्वजीतसिंह से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस विशाल तक पहुंची। पुलिस के अनुसार, सर्वजीत सिंह ने विशाल से करीब एक वर्ष पहले सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित