खरगोन , जनवरी 24 -- मध्यप्रदेश के खरगोन में टंट्या मामा मूर्ति विवाद को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए नगरपालिका में पदस्थ दो इंजीनियरों को निलंबित कर दिया।
यह कार्रवाई टंट्या मामा भील तिराहा (बिस्टान नाका चौराहा) पर क्रांतिकारी आदिवासी नेता टंट्या मामा की मूर्ति स्थापना में हुई गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद की गई है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने शुक्रवार को सहायक यंत्री मनीष महाजन और उपयंत्री जितेंद्र मेढ़ा को निलंबित करने के आदेश जारी किए। आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों को मूर्ति स्थापना में लापरवाही और कर्तव्य में गंभीर चूक का दोषी पाया गया है। उनके कृत्य सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माने गए हैं, जिसके चलते तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई।
उधर मूर्ति विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। अब तक इस मामले में कांग्रेस विरोध करते नजर आ रही थी लेकिन अब भाजपा पार्षदों ने स्वयं ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा पार्षदों का कहना है कि इस मामले में उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है, जिससे उनकी सार्वजनिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंच रहा है। गुरुवार को वार्ड क्रमांक 31 के पार्षद एवं मूर्ति स्थापना समिति के संयोजक भागीरथ बड़ोले के नेतृत्व में भाजपा पार्षदों ने गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रतीकात्मक "सद्बुद्धि यज्ञ" किया।
खरगोन नगरपालिका में भाजपा की छाया जोशी अध्यक्ष हैं। भाजपा पार्षदों ने इस मामले में अपर कलेक्टर रेखा राठौर को ज्ञापन सौंपकर मूर्ति निर्माण में हुई कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की है।
पार्षदों के अनुसार नगर पालिका की पीआईसी (प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल) की स्वीकृति के तहत 10 लाख रुपये की राशि कांस्य या पत्थर की मूर्ति स्थापना के लिए स्वीकृत की गई थी। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा कथित रूप से केवल 75 हजार से 1 लाख रुपये मूल्य की एफआरपी (फाइबर) मूर्ति स्थापित कर दी गई, जो टेंडर शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है।
विवाद के बीच नगरपालिका ने अब उचित सम्मान के साथ धातु की नई मूर्ति स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 19 जनवरी 2026 को नया ई-टेंडर जारी किया गया है, जिसकी अंतिम तिथि 2 फरवरी है। अधिकारियों का दावा है कि 45 दिनों के भीतर नई मूर्ति स्थापित कर दी जाएगी।
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