दमोह , दिसंबर 14 -- मध्यप्रदेश में दमोह जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बांसातारखेड़ा के चिथरयाऊ टोला में शनिवार रात खेत में बनी झोपड़ी में आग लगने से चार माह के मासूम की जिंदा जलने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडेय के अनुसार सागर नाका चौकी अंतर्गत बांसातारखेड़ा निवासी जितेंद्र गौंड गांव के शैलेंद्र तिवारी के खेत में सिंचाई का ठेका लिए हुए था। वह खेत में टपरिया बनाकर अपने परिवार के साथ रह रहा था। शनिवार रात जितेंद्र अपनी पत्नी धनाबाई के साथ खेत में पानी दे रहा था, जबकि चार माह का बेटा निशांत झोपड़ी में सो रहा था।
इसी दौरान झोपड़ी के अंदर जल रहे चूल्हे से निकली चिंगारी से वहां रखे कपड़ों में आग लग गई। कच्ची झोपड़ी और पास में रखी सूखी घास के कारण आग तेजी से फैल गई और पूरी झोपड़ी जलने लगी। आग लगने पर अंदर सो रहा मासूम रोने लगा। गांव के लोगों ने घटना देखी तो शोर मचाया, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों ने किसी तरह झुलसे बच्चे को बाहर निकाला और इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आग में झोपड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
घटना की जानकारी मिलने पर शनिवार रात एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया और दमोह एसडीएम आर.एल. बागरी देहात थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। मासूम का शव जिला अस्पताल के शवगृह में रखा गया है, रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। वही कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं देहात थाना प्रभारी रचना मिश्रा ने बताया कि मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है।
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