रायपुर , दिसंबर 23 -- छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा कि झीरम हमले के बाद कांग्रेस के लोग अपने ही नेताओं की भूमिका पर संदेह कर रहे हैं। भाजपा पूरी तरह अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के कथन के पक्ष में खड़ी है।

डॉ. मिश्रा ने मंगलवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि झीरम घाटी नक्सली हमला प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक त्रासदियों में से एक है, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक पूरी पीढ़ी शहीद हुई। इसके बावजूद कांग्रेस ने कभी सच्चाई सामने लाने का ईमानदार प्रयास नहीं किया।

उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा के नेतृत्व वाले न्यायिक जाँच आयोग द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद तत्कालीन भूपेश सरकार ने उसे विधानसभा के पटल पर नहीं रखा। इसके बजाय सरकार ने अपनी अलग जाँच समिति बना दी। उन्होंने सवाल किया कि यदि आयोग की रिपोर्ट में सब कुछ स्पष्ट था, तो उसे विधानसभा में रखने से क्यों रोका गया? भूपेश सरकार आखिर किसे बचाने का प्रयास कर रही थी?उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए कहा कि वे बार-बार सबूत होने की बात करते रहे, लेकिन आज तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया। डॉ. मिश्रा ने यह भी याद दिलाया कि झीरम हमले के बाद कांग्रेस नेता चरणदास महंत को कवासी लखमा से यह कहते हुए सुना गया था कि ''तुम उसे वहाँ लेकर क्यों गए थे'' इस बातचीत से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद खुद कांग्रेस के भीतर संदेह की स्थिति बनी।

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा का नक्सलवाद को लेकर रुख हमेशा स्पष्ट और कठोर रहा है। डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में महेंद्र कर्मा के जीवनकाल के दौरान सलवा जुडूम जैसे अभियान के माध्यम से नक्सल समस्या के समाधान के प्रयास किए गए। वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है और बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद के खात्मे की ओर अग्रसर है।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि भाजपा सरकार नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई कर झीरम हमले में शहीद कांग्रेस नेताओं को सच्ची श्रद्धांजलि दे रही है। वहीं कांग्रेस न तो अपने शहीद नेताओं को सम्मान दिला पाई और न ही उनके परिजनों को न्याय।

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