रांची , फरवरी 19 -- झारखंड उच्च न्यायालय ने डोरंडा थाना क्षेत्र में कार और मोटर साइकिल दुर्घटना मामले में हाईकोर्ट के अधिवक्ता मनोज टंडन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की जांच पर रोक लगा दी है।

झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की पीठ में इस मामले की सुनवाई हुई, खुद को पीड़ित बताने वाले युवक मोबाज खान के द्वारा सोशल मीडिया पर उन्मादी पोस्ट लिख कर जारी करने को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार, केंद्र सरकार के साथ साथ सीबीआई को नोटिस जारी कर मोबज खान के प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से संपर्क एवं क्रियाकलापों की जांच कर शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

इस मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 24 मार्च का समय निर्धारित किया है। हाईकोर्ट के इस आदेश से अधिवक्ता मनोज टंडन को बड़ी राहत मिली है।

अधिवक्ता मनोज टंडन ने अपनी याचिका में न्यायालय से यह मांग की है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त किया जाए, एवं उनकी गाड़ी छोड़ी जाए और वीडियो बनाने वाले उन्मादी भीड़ जो उनके जान पर उतारू थी उसकी जांच हो।

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