रांची , दिसम्बर 09 -- झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा समग्र शिक्षा की आगामी बजट निर्माण एवं कार्य योजना को तैयार करने के लिए 3-18 आयुवर्ग के आउट ऑफ़ स्कूल एवं ड्राप आउट बच्चो के चिन्हितीकरण के लिए विद्यालय स्तर पर शिशु पंजी सर्वे कराया जाना है।
सर्वे से पूर्व विद्यालय स्तर पर प्रथम चरण में हैबिटेशन मैपिंग का कार्य पूरा किया जाना है। दोनों गतिविधियों के क्रियान्वयन की समीक्षा और जिलास्तरीय पदाधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए आज झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह समीक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। आज कार्यशाला सह समीक्षा बैठक में सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिलास्तरीय एमआईएस टीम, आउट ऑफ़ स्कूल प्रभाग प्रभारी, ए डी पी ओ शामिल हुए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक शशि रंजन ने कहा कि पदाधिकारी दिनांक 11 दिसंबर तक हैबिटेशन मैपिंग का कार्य संपन्न करे। 11 दिसंबर को डहर पोर्टल के माध्यम से शिशु पंजी प्रपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। शिशु पंजी सर्वे का कार्य दिनांक 11 दिसंबर से दिनांक 15 जनवरी तक होना है। शिशु पंजी सर्वे में प्रत्येक सरकारी, गैर सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों का शामिल होना अनिवार्य है। शिशु पंजी सर्वे में किसी भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष से आउट ऑफ़ स्कूल बच्चो का सर्वे करने के लिए स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा डहर 2.0 पोर्टल और एप तैयार किया गया है।
।विभाग द्वारा इस एप को गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध करा दिया गया है। प्रत्येक टीचर को यह एप डाउनलोड करना अनिवार्य है। जिलास्तरीय शिक्षा पदाधिकारी भी कम से कम दस विद्यालयों का भ्रमण कर शिशु पंजी सर्वे का अनुश्रवण करेंगे। कार्यक्रम की प्रभाग प्रभारी बिनीता तिर्की ने कहा कि शिक्षकों को जिन क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी जाएगी, उस क्षेत्र के प्रत्येक घर का सर्वे सुनिश्चित हो, यह जिम्मेदारी एचएम की होगी।
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