रांची , जनवरी 08 -- झारखंड में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है।

तापमान में आई तेज गिरावट ने पूरे राज्य में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह और रात के समय सर्द हवाओं के साथ ठिठुरन बढ़ गई है, वहीं कई इलाकों में घना कोहरा भी परेशानी का कारण बन रहा है।

राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान खूंटी में 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मैक्लुस्कीगंज में पारा माइनस 0.5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जिससे कड़ाके की ठंड का असर और भी ज्यादा महसूस किया गया। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि कांके क्षेत्र में यह 2.7 डिग्री तक पहुंच गया। सुबह के समय खेतों, पुआल, पेड़-पौधों और घरों की छतों पर ओस जमकर बर्फ जैसी परत में तब्दील हो गई।

चाईबासा में अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, हालांकि यहां न्यूनतम तापमान में 6.8 डिग्री की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में डालटनगंज में न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री और देवघर में 4.7 डिग्री गिरा है।

शीतलहर के साथ घने कोहरे का असर भी कई जिलों में देखने को मिला। सुबह के समय सड़कों पर दृश्यता काफी कम रही। डालटनगंज में सबसे कम विजिबिलिटी 300 मीटर दर्ज की गई, जबकि देवघर में यह 600 मीटर रही। कोहरे के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

खराब मौसम का असर हवाई और रेल यातायात पर भी साफ दिखाई दिया। रांची एयरपोर्ट पर आधा दर्जन से अधिक विमान अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंचे। दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई से आने वाली फ्लाइटें आधे घंटे से एक घंटे की देरी से लैंड कर सकीं। वहीं नई दिल्ली से आने वाली 12878 गरीब रथ एक्सप्रेस घने कोहरे के कारण करीब 8.30 घंटे की देरी से रांची स्टेशन पहुंची।

मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत में हो रही बर्फबारी के कारण वहां से लगातार ठंडी हवाएं झारखंड की ओर आ रही हैं। इसी वजह से तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। मौसम विभाग ने 9 जनवरी तक रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम जिलों में शीतलहर को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को सुबह और शाम के समय बाहर निकलते वक्त सतर्क रहने की सलाह दी है।

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