रांची , जनवरी 27 -- झारखंड में नगर निकाय चुनाव की घोषणा का कांग्रेस पार्टी स्वागत करती है।
यह फैसला लोकतंत्र को मजबूत करने वाला और संविधान की भावना के अनुरूप है। झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए ट्रिपल टेस्ट पूरा कराकर चुनाव कराने का निर्णय लिया है, जिससे अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एसीसी) के साथ-साथ पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज को भी वास्तविक राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हुआ है, जो झारखंड के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने कहा कि नगर निकाय लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव होते हैं। ट्रिपल टेस्ट के तहत समर्पित आयोग का गठन, वैज्ञानिक सर्वे और 50 प्रतिशत की संवैधानिक सीमा का पालन करते हुए सरकार ने यह साबित किया है कि वह सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि समान अवसर और सामाजिक न्याय की राजनीति करती है।
श्री सिंह ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकारों ने न कभी ट्रिपल टेस्ट कराया और न ही पिछड़े वर्गों के राजनीतिक अधिकारों को लेकर गंभीरता दिखाई। भाजपा बिना डेटा के राजनीति करती रही, जिसकी वजह से नगर निकाय चुनाव लंबे समय तक बाधित रहे। आज हेमंत सरकार ने संविधान और कोर्ट के आदेशों का सम्मान कर चुनाव का रास्ता साफ किया है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव का सीधा लाभ जनता को मिलेगा। अब शहरों में जनता की चुनी हुई सरकार बनेगी, जिससे सफाई व्यवस्था, पेयजल, सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पार्क, बाजार, रोजगार और शहरी विकास योजनाओं में पारदर्शिता और गति आएगी। अफसरशाही नहीं, बल्कि जनता के प्रतिनिधि शहरों का संचालन करेंगे।
श्री सिंह ने कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता का नहीं, बल्कि शहरों के भविष्य का चुनाव है। लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से आम लोगों की समस्याएं सीधे बोर्ड तक पहुंचेंगी और उनका समाधान स्थानीय स्तर पर होगा।
श्री सिंह ने झारखंड की जनता से अपील की कि वे नगर निकाय चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं।
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