रांची , नवम्बर 09 -- झारखंड के घाटशिला (अ.ज.जा) विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव के प्रचार का शोर रविवार शाम पांच बजे से थम गया।
इसके बाद न तो किसी भी तरह का लाउडस्पीकर बजाए जाएंगे, न ही कोई आमसभा या नुक्कड़ बैठक होगी। अब प्रत्याशी और उनके समर्थक केवल घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर पाएंगे। यह उपचुनाव पिछले विधायक स्वर्गीय रामदास सोरेन के निधन के कारण हो रहा है, जिन्होंने 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के बाबूलाल सोरेन को भारी मतों से हराया था।
इस उपचुनाव में कुल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सोमेश सोरेन और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बाबूलाल सोरेन के बीच माना जा रहा है। दोनों दलों के लिए घाटशिला उपचुनाव बड़ी प्रतिष्ठा का मुद्दा बन गया है। नेताओं ने इसके लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चुनाव को लेकर मतदाताओं में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है।
घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,55,823 मतदाता हैं, जिनमें 1,24,899 पुरुष और 1,30,921 महिलाएं शामिल हैं। इनमें 16,178 युवा पहली बार मतदान करेंगे, जो चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा 85 साल से अधिक आयु के 636 मतदाता भी हिस्सा लेंगे। पूरे क्षेत्र में 368 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 300 सहायक केंद्र हैं। मतदान 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी।
प्रशासन ने मतदान को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। हर मतदान केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं। ईवीएम और वीवीपैट मशीनें भी सभी केंद्रों तक पहुंचा दी गई हैं।
चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान के दिन अपना पहचान पत्र साथ लेकर आएं। वोटर आईडी के अलावा 12 वैकल्पिक पहचान पत्र भी मान्य होंगे, जिनमें पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन दस्तावेज, आयुष्मान भारत कार्ड, सरकारी सेवा पहचान पत्र, बैंक या डाकघर पासबुक, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय कार्ड और आरजीआई स्मार्ट कार्ड शामिल हैं। यह व्यवस्था मतदान के दौरान किसी भी परेशानी से बचाने के लिए की गई है।
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