रांची , दिसंबर 16 -- झारखंड सरकार ने राज्य के गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए एक ऐतिहासिक और मानवीय फैसला लेते हुए स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि पिछले कई दिनों से उन्हें दिन-रात मरीजों और उनके परिजनों के दर्दभरे फोन आ रहे थे। लोग बता रहे थे कि वे बाहर राज्यों में इलाज तो करा रहे हैं, लेकिन पैसों के अभाव में उनका इलाज बीच में ही रुक जा रहा है। कई परिवार टूटने की कगार पर थे, हालात बेहद गंभीर थे।
डॉ अंसारी ने मरीजों की इस पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए एक आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 42 करोड़ रुपये का आवंटन स्वीकृत किया, ताकि किसी भी मरीज का इलाज पैसों की वजह से न रुके। वहीं जामताड़ा जिले को 4.5 करोड़ रुपये की विशेष राशि प्रदान की गई, जिससे स्थानीय मरीजों को सीधा लाभ मिल सके।
डॉ अंसारी ने कहा "मैं खुद डॉक्टर हूं। मरीज की पीड़ा, उसका दर्द और परिजनों की बेबसी को भली-भांति समझता हूं। पैसों के अभाव में अगर किसी की जान जाती है, तो यह किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।" उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग एक संवेदनशील विभाग है, और ऐसी परिस्थितियों में तुरंत समाधान निकालना उसकी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। यह सुनिश्चित किया जाए कि हर जरूरतमंद मरीज को समय पर, बेहतर और सम्मानजनक इलाज मिले।
मंत्री डॉ अंसारी के निर्देश के बाद विभाग पूरी सक्रियता के साथ काम में जुट गया। आज एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसके परिणामस्वरूप अब मरीजों को आवंटित राशि मिलनी शुरू हो जाएगी, वे अपना इलाज पूरा कर सकेंगे और स्वस्थ होकर अपने घर लौट सकेंगे।
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