रांची , दिसम्बर 09 -- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने झारखंड पुलिस सेवा (जेपीएस) के पांच अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में प्रोन्नति प्रदान कर दी है।
मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, वर्ष 2022 एवं 2023 की रिक्तियों को भरने के लिए इन अधिकारियों को चयनित किया गया है। वहीं, तीन अधिकारियों के नामों को सशर्त रूप से प्रोविज़नल सूची में शामिल किया गया है, जिन्हें आपराधिक मामलों में निर्दोष साबित होने और राज्य सरकार से इंटिग्रिटी सर्टिफिकेट प्राप्त करने पर ही अंतिम प्रोन्नति दी जाएगी।
प्रोन्नति प्रक्रिया के लिए 10 नवंबर को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई थी। इस बैठक में झारखंड पुलिस सेवा के कई अधिकारियों के प्रोफाइल, सेवा अभिलेख और उपलब्धियों की समीक्षा की गई। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद 8 दिसंबर को आयोग ने कुल आठ अधिकारियों को आईपीएस प्रोन्नति सूची में शामिल करने की सिफारिश की। इनमें से पांच के नाम अंतिम रूप से मंजूर किए गए, जबकि तीन नाम जांच लंबित रहने के कारण अस्थायी रूप से सूचीबद्ध किए गए।
प्रोविज़नल सूची में शामिल अधिकारियों में शिवेंद्र, राधा प्रेम किशोर,दीपक कुमारइन अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई पूरी होने और निर्दोषता प्रमाणित होने के बाद ही गृह मंत्रालय उनकी प्रोन्नति आदेश जारी करेगा। जिन पांच अधिकारियों को आईपीएस में प्रोन्नति दी गई है, उनके नाम दीपक कुमार,मंजरूल होदा, राजेश कुमार, रौशन गुड़िया, श्रीराम समद हैं।
अधिसूचना के अनुसार, दीपक कुमार को 2022 की वेकेंसी के आधार पर प्रोन्नति प्रदान की गई है। जबकि मंजरूल होदा, राजेश कुमार, रौशन गुड़िया और श्रीराम समद को 2023 की रिक्तियों के तहत आईपीएस कैडर में शामिल किया गया है।
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