हजारीबाग , जनवरी 11 -- झारखंड के हजारीबाग जिले के जय प्रकाश नारायण केन्द्रीय कारा से 31 दिसंबर 2025 की रात फरार हुए तीन सजायाफ्ता कैदियों को झारखंड पुलिस ने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय, हजारीबाग से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 31 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 7 बजे सूचना मिली कि जय प्रकाश नारायण केन्द्रीय कारा से तीन कैदी रात करीब 1:30 बजे फरार हो गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त की अध्यक्षता में अनुमंडल पदाधिकारी सदर, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर, पुलिस उपाधीक्षक (सीसीआर) सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की गहन जांच की।
जांच में पाया गया कि तीनों कैदियों ने वार्ड की खिड़की के लोहे के रॉड को काटकर बेडशीट की रस्सी बनाई, जिसके सहारे वे नीचे उतरे। इसके बाद आंतरिक दीवार को पार कर गौशाला तक पहुंचे, कुछ देर वहां ठहरे और फिर लोहे के हुक, चादर व लकड़ी के डंडे की मदद से बाहरी दीवार फांदकर जेल परिसर से फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर के नेतृत्व में तीन विशेष जांच दल गठित किए गए। एक टीम तकनीकी साक्ष्यों व मोबाइल लोकेशन के आधार पर काम कर रही थी। दूसरी टीम कैदियों के संभावित भागने के मार्ग का ट्रेल कर रही थी। तीसरी टीम विभिन्न जिलों और राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही थी।
जांच में यह भी सामने आया कि जेल से भागने के बाद तीनों कैदी पहले सिंदूर चौक पहुंचे। वहां से टोटो पकड़कर ईचाक थाना क्षेत्र के कुरहा गांव गए, जहां देवा भुईयाँ अपने रिश्तेदार के यहां रुका। इसके बाद पिकअप वाहन से बरकठा, बरही होते हुए कोडरमा पहुंचे। कोडरमा से लोकल ट्रेन पकड़कर गया गए और फिर गया से ट्रेन पकड़कर क्यूल होते हुए जसीडीह पहुंचे।
जसीडीह में तीनों ने पुणे जाने वाली ट्रेन का करीब दो दिन तक इंतजार किया और 4 जनवरी 2026 को जसीडीह-पुणे एक्सप्रेस से महाराष्ट्र रवाना हुए। 6 जनवरी की सुबह वे दौंड जंक्शन उतरे और वहां से बस व पैदल यात्रा कर सोलापुर जिले के करमाला थाना क्षेत्र स्थित कोरटी पहुंचे, जहां एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने लगे।
लगातार तकनीकी निगरानी, मानवीय सूचना और ट्रेलिंग के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में छापेमारी कर तीनों फरार कैदियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें हजारीबाग लाया गया।
गिरफ्तार किए गए कैदियों में देवा भुईयाँ उर्फ देव कुमार भुईयाँ (धनबाद), राहुल रजवार (धनबाद) जितेन्द्र रवानी (धनबाद) शामिल हैं। तीनों कैदी अलग-अलग गंभीर मामलों, जिनमें पोक्सो जैसे संगीन अपराध भी शामिल हैं, में सजा काट रहे थे।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हजारीबाग स्थित होल्डिंग फॉरेनर्स कैंप से फरार हुए बांग्लादेशी नागरिकों को भी हजारीबाग पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया था। हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार के अपराध की रोकथाम और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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