रांची , जनवरी 02 -- झारखंड में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग 8 जनवरी को नगर निकाय चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक अहम बैठक करने जा रहा है।
यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त (डीसी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) के अलावा नगर विकास सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
समीक्षा बैठक के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग नगर निकाय चुनाव से जुड़ी प्रशासनिक तैयारियों, मतदान केंद्रों की स्थिति, मतदाता सूची, सुरक्षा व्यवस्था, अर्धसैनिक बलों की तैनाती, आचार संहिता के अनुपालन समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करेगा। बैठक का उद्देश्य चुनाव की घोषणा से पहले जिला स्तर पर की गई तैयारियों का आकलन करना और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना है।
इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि चुनाव की घोषणा से पूर्व आयोग द्वारा कई चरणों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की जाती है। इसी क्रम में 8 जनवरी को पहली समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
राज्य में कुल 9 नगर निगम, 21 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में चुनाव प्रस्तावित हैं। नगर निगमों में रांची, हजारीबाग, मेदनीनगर, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर और मानगो शामिल हैं। वहीं नगर परिषदों में गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो और मिहिजाम शामिल हैं। इसके अलावा नगर पंचायतों में बंशीधर नगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला और चाकुलिया शामिल हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, नगर निकाय चुनाव की घोषणा इसी महीने जनवरी के तीसरे सप्ताह में किए जाने की संभावना है। जिला स्तर पर की गई तैयारियों की समीक्षा के बाद आयोग चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देगा।
ज्ञातव्य है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने हाल ही में झारखंड हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान शपथपत्र दाखिल कर बताया था कि नगर निकाय चुनाव की विस्तृत तैयारियों के लिए करीब आठ सप्ताह का समय आवश्यक है, जबकि पूरी चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराने में अतिरिक्त 45 दिन का समय लगेगा। यह सीलबंद शपथपत्र आयोग द्वारा 22 नवंबर को दाखिल किया गया था। इस मामले में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 30 मार्च को निर्धारित है। ऐसे में आयोग की कोशिश है कि उससे पहले ही नगर निकाय चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाए।
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