रांची , जनवरी 07 -- झारखंड के साहिबगंज जिले में अवैध खनन मामले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम बुधवार सुबह से सक्रिय हो गई है।
जांच के दौरान टीम संकरी गलियों तक पहुंची और कई संदिग्ध स्थलों का निरीक्षण किया। इससे पहले सीबीआई ने जिला खनन पदाधिकारी कृष्णा कुमार किस्कू को तलब कर माइनिंग लीज से जुड़े दस्तावेजों और जानकारियों की गहन पड़ताल की थी। बुधवार सुबह से शुरू हुई कार्रवाई के तहत सीबीआई अधिकारी विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर अवैध खनन से जुड़े पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
सीबीआई के छापे और लगातार हो रही कार्रवाई से जिले के खनन कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि अवैध खनन किन स्तरों पर, किन लोगों के संरक्षण में और किस नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था।
उल्लेखनीय है कि यह मामला साहिबगंज जिले के नींबू पहाड़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हुए अवैध पत्थर खनन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शुरुआती जांच में इस घोटाले की अनुमानित राशि करीब 1000 से 1500 करोड़ रुपये बताई गई थी। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब स्थानीय निवासी विजय हांसदा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी माने जाने वाले पंकज मिश्रा सहित कई लोगों पर अवैध खनन के गंभीर आरोप लगाए थे।
वर्ष 2023 में झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था। इसके बाद 2024 में सीबीआई ने कई ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी, सोना-चांदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे। वहीं दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका खारिज करते हुए सीबीआई को चार्जशीट दाखिल करने तक पूरी जांच करने की अनुमति दी थी।
सीबीआई की मौजूदा कार्रवाई को इसी क्रम की कड़ी माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में और भी स्थानों पर छापेमारी तथा कई लोगों से पूछताछ की संभावना है।
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