रांची, 07नवम्बर (वार्ता) झारखंड पुलिस सेवा के इतिहास में शुक्रवार का दिन विशेष रहा क्योंकि तदाशा मिश्रा राज्य की पहली महिला पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बनीं।

डीजीपी मिश्रा अनुराग गुप्ता की जगह पदभार ग्रहण किया है, जिनकी ऐच्छिक सेवानिवृत्ति सरकार ने मंजूर कर ली है।

पदभार ग्रहण के बाद, डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता आगामी 15 नवंबर को होने वाले राज्य स्थापना दिवस का शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा, "मैंने अभी हाल ही में पदभार संभाला है, और पुलिस कार्य में टीमवर्क का बहुत महत्व है। मुझे टीम के रूप में काम करने का अनुभव है और मैं अपने साथियों के साथ मिलकर सरकार के विजन को साकार करने का प्रयास करूंगी।"श्रीमती मिश्रा ने अपनी प्राथमिकताओं में बेसिक और कोर पुलिसिंग पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने बताया कि संगठित अपराध, नशा तस्करी तथा माओवाद के विरुद्ध चल रही कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उनका मानना है कि इन समस्याओं के खिलाफ ठोस और कारगर कदम उठाए जाने चाहिए ताकि राज्य में कानून व्यवस्था मजबूत हो।

वहीं डीजीपी मिश्रा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की और राज्य में कानून व्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस-प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं।

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