रांची , दिसम्बर 07 -- झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पेसा कानून को लेकर हेमंत सरकार पर निशान साधा है।
श्री मरांडी ने आज अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, जैसे ही विधानसभा सत्र शुरू होता है, पेसा क़ानून लागू करने का सवाल सुनकर @हेमंत सोरेनजेएमएमजी को ठंड के मौसम में भी पसीना छूटने लगता है। फिर नया नाटक शुरू होता है - लाग-लपेट का, कि मंत्रालय ने ड्राफ्ट बना दिया है, मुख्यमंत्री को भेजा गया है, कैबिनेट की बैठक होगी, इत्यादि।
ड्राफ्ट तो पहले भी बन चुका है, 2023 में भी और 2019 में भी। झारखंड की जनता को भ्रमित करने का यह तरीका अब पुराना हो चुका है।
हेमंत जी ने सोचा होगा कि चुनाव जीतने के लिए पेसा लागू करने का वादा कर देंगे और फिर अपनी मर्ज़ी से माफिया को बालू के टेंडर देकर रिश्वत का स्थायी इंतज़ाम कर लेंगे।
लेकिन भाजपा यह होने नहीं देगी। हमने लगातार पेसा नियमावली को लागू करवाने के लिए मुद्दा उठाया है। ग्रामीणों का हक किसी माफिया और मुख्यमंत्री की जेब में नहीं जाएगा, यह सुनिश्चित करने के लिए जनता ने हमें विपक्ष की जिम्मेदारी दी है।
इस इंडी गठबंधन की सरकार को लगता है कि जिस प्रकार वे केंद्र सरकार में केवल नकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं, वही विपक्ष का काम है। कभी संविधान खोलकर देखेंगे, तब कर्तव्यबोध होगा, केवल किताब लेकर तस्वीर खिंचवाने से नहीं।
अनलाइक द अपोजिशन इन सेंटर, हम हंगामा करना नहीं, जनता के हित में कार्य करने को अपना लक्ष्य मानते हैं। यही विचारधारा केंद्र में भाजपा को लगातार तीन बार सरकार बनाने में सफल हुई है।
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