रांची , नवम्बर 02 -- झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने मोकामा में दुलारचंद यादव की सरेआम हत्या को बिहार में व्याप्त जंगलराज का उदाहरण बताया है।
झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने आज इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर सवाल उठाया और कहा कि यह प्रशंसा का विषय नहीं, बल्कि बिहार सरकार, मुख्यमंत्री, पुलिस प्रमुख और चुनाव आयोग से सवाल पूछने का समय है। उन्होंने पूछा कि जब चुनावी प्रक्रिया के पहले हथियार जमा कर लिए जाते हैं, तो जदयू नेता के काफिले में हथियार कहां से आए?श्री पांडेय ने अनंत सिंह के कथन का हवाला देते हुए कहा कि वह 40 गाड़ियों के काफिले के साथ थे और घटना 30 गाड़ियों के आगे बढ़ने के बाद हुई, तो चुनाव आयोग और अधिकारियों को यह क्यों नहीं दिखा?श्री पांडेय ने कहा कि विरोधी नेताओं को गोली मारकर कार्रवाई करना प्रशंसा नहीं, बल्कि दुर्भाग्य की बात है।
उन्होंने इसे बिहार में जंगलराज का सबसे बड़ा उदाहरण बताया और कहा कि विधि व्यवस्था को खुलेआम चुनौती दी जा रही है।
हत्या करने वाले समाज के बड़े तबके का नेतृत्व कर रहे थे और वे बिहार चुनाव में एक राजनीतिक राजनीतिक दल के उम्मीदवार का समर्थन कर रहे थे।पटना पुलिस अपराध रोकने में विफल रही और अब अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर शाबाशी लेना गलत है।
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