चंडीगढ़ , जनवरी 08 -- पंजाब राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने एक ऐतिहासिक फैसले में रूपनगर जिले में झज्जर-बचाउली वन्यजीव अभयारण्य का नाम नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के नाम पर रखने की मंज़ूरी दे दी। अब से इस अभयारण्य को श्री गुरु तेग बहादुर वन्यजीव अभयारण्य के नाम से जाना जाएगा।
वन और वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारुचक ने गुरुवार को कहा कि पिछले साल 25 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब का 350वां शहीदी दिवस धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया था। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने झज्जर-बचाउली वन्यजीव अभयारण्य का नाम श्री गुरु तेग बहादुर के नाम पर रखने के संबंध में एक सिफारिश भेजी थी।
उल्लेखनीय है कि यह वन्यजीव अभयारण्य 289 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें तीन गाँव शामिल हैं, जिनके नाम झज्जर, बचाउली और लमलेहरी हैं। इनमें से 218 एकड़ झज्जर में, 55 एकड़ बचाउली में और बाकी लमलेहरी में है। इसके अलावा, वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 18 (1) के अनुसार पूरे 289 एकड़ क्षेत्र को झज्जर-बचाउली वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था।
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