लखनऊ , अप्रैल 11 -- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के ओबीसी विभाग ने शनिवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती को "वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस" के रूप में मनाते हुए सामाजिक न्याय, जाति जनगणना और ओबीसी अधिकारों को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. अनिल जय हिंद, उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय, के. राजू, नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना, अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन राजेंद्र पाल गौतम, तेलंगाना सरकार के मंत्री पोन्नम प्रभाकर, अजय कुमार लल्लू तथा कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कमलेश्वर पटेल सहित कई नेता मौजूद रहे।

श्री बघेल ने कहा कि सभी वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी दिलाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और चौराहों पर जातिगत जनगणना तथा ओबीसी महिलाओं की भागीदारी के समर्थन में अभियान चलाने की अपील की।

डॉ. अनिल जय हिंद ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज को शिक्षित व सशक्त बनाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने वाली मानसिकता के खिलाफ आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि बहुजनों की चुप्पी ही उनकी गुलामी का कारण रही है, इसलिए अन्याय के खिलाफ संगठित संघर्ष जरूरी है।

तेलंगाना सरकार के मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि केंद्र सरकार को तेलंगाना मॉडल अपनाकर पिछड़े वर्गों को संस्थाओं और संसाधनों में आबादी के अनुपात में भागीदारी देनी चाहिए। कार्यक्रम में उन्हें वैज्ञानिक तरीके से जनगणना कराने के लिए सम्मानित भी किया गया।

अविनाश पांडेय ने कहा कि कांग्रेस पिछड़े वर्गों को जोड़ने और उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं के. राजू ने उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय के मुद्दे को मजबूत करने के लिए प्रदेश ओबीसी विभाग की सराहना की। कमलेश्वर पटेल ने विभिन्न राज्यों में पिछड़ों के साथ हो रहे भेदभाव और आरक्षण घोटालों का मुद्दा उठाया, जबकि अजय कुमार लल्लू ने अतिपिछड़े वर्ग को उनकी आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी देने की मांग दोहराई।

उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस अध्यक्ष मनोज यादव ने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि समतामूलक समाज की स्थापना के लिए एकजुटता और धैर्य के साथ संघर्ष जारी रहेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित