चंडीगढ़, जनवरी 29 -- ) हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में अधिक मूल्य वाली सम्पत्तियों के पंजीकरण से जुड़े मामलों में लंबित परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) की जानकारी तत्काल जमा करवाई जाए।
डॉ. मिश्रा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, भारत सरकार के आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2024-25 के दौरान 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य की सम्पत्ति पंजीकरण से जुड़े सभी खरीदारों और विक्रेताओं के पैन विवरण मांगे हैं। इस संबंध में वेब-हैलरिस पोर्टल से एकत्रित डेटा पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि तहसीलदार अपने सीआरओ लॉगिन के माध्यम से डेटा एक्सेस कर सकते हैं और ऐसे मामलों की पहचान करें, जिनमें निर्धारित सीमा से अधिक लेनदेन होने के बावजूद पैन विवरण दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित तहसीलदारों से उपलब्ध डेटा का तुरंत सत्यापन करवाएं और प्राथमिकता के आधार पर सभी लंबित पैन विवरण आयकर विभाग को भेजना सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी बताया कि आयकर विभाग ने बल्लभगढ़, तिगांव, दयालपुर, पलवल, खरखौदा, वजीराबाद, मानेसर और फर्रुखनगर तहसीलों से संबंधित वित्तीय वर्ष 2019-20 का डेटा विशेष रूप से लंबित पाया है। इसलिए संबंधित जिला उपायुक्त इन निर्देशों की सख्ती से अनुपालना करते हुए आवश्यक जानकारी बिना किसी देरी के उपलब्ध कराएं।
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