जौनपुर , मई 11 -- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की एक अदालत ने प्रेम प्रसंग में हत्या कर शव को कुएं में फेंकने के आठ वर्ष पुराने मामले में एक महिला सहित दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी-द्वितीय प्रशांत कुमार सिंह की अदालत ने सोमवार को मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद यह फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के बांसदेवपट्टी गांव निवासी राजेश कुमार पाल ने वर्ष 2018 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उनके पिता सात सितंबर 2018 को दोपहर करीब दो बजे ट्रैक्टर एजेंसी जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला और उनका मोबाइल फोन भी बंद मिला। दस सितंबर 2018 को औरैला गांव स्थित एक कुएं में शव मिलने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां मृतक की मोटरसाइकिल और शव बरामद हुआ। शव छह टुकड़ों में कटा हुआ था।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि कुम्हार बस्ती निवासी बिंदु देवी पत्नी मन्नालाल प्रजापति तथा अन्य लोगों ने मिलकर हत्या की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र प्रताप मौर्य द्वारा प्रस्तुत गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी बिंदु देवी और नागेंद्र मिश्रा उर्फ लंगड़ा को हत्या एवं साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी पाया। न्यायालय ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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