जौनपुर , अप्रैल 7 -- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अपर सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार की अदालत ने मंगलवार को सात वर्ष पुराने मामले में सुनवाई पूरी कर यह फैसला सुनाया।

अभियोजन के अनुसार सरपतहा थाना क्षेत्र की एक महिला ने वर्ष 2019 में मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री को गांव का ही राकेश 17 जुलाई की शाम बहला-फुसलाकर भगा ले गया। काफी तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चला था।

पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे के दौरान शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार उपाध्याय एवं कमलेश राय द्वारा प्रस्तुत गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने अपहरण और दुष्कर्म के आरोप सिद्ध होने पर आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित