रायपुर , दिसंबर 05 -- छत्तीसगढ़ में अग्रवाल और सिंधी समाज के ईष्ट देव के खिलाफ कथित भड़काऊ टिप्पणी के मामले में फरार चल रहे जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल ने शुक्रवार को पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।
इस दौरान पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती रही, वहीं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के समर्थक भी बड़ी संख्या में थाने के बाहर जुटे रहे।
अमित बघेल के खिलाफ विवादित बयान को लेकर देवेंद्र नगर और कोतवाली थानों में प्रकरण दर्ज किए गए थे। गिरफ्तारी से बचते रहने के चलते रायपुर पुलिस ने उन्हें फरार घोषित करते हुए पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। आत्मसमर्पण के समय उनके वकील भी मौजूद रहे।
मौके पर मौजूद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिला महामंत्री मनोज साहू ने आरोप लगाया कि बघेल ने स्वयं सरेंडर करने का निर्णय लिया था, बावजूद इसके पुलिस ने अनावश्यक रूप से तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न की। उन्होंने कहा कि ''जब वे खुद थाने पहुंचे थे, तो पुलिस द्वारा सख्त रुख अपनाकर माहौल गरमाने की क्या जरूरत थी'' साहू ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अन्य मामलों के आरोपियों को पकड़ने में पुलिस उदासीन है, जबकि बघेल के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रवक्ता दीपक साहू ने कहा कि वे चाहते हैं कि न्यायिक प्रक्रिया जल्द पूरी हो ताकि अमित बघेल अपने माता के अंतिम संस्कार से संबंधित कार्यों को सम्पन्न कर सकें।
यह पूरा विवाद 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के वीआईपी चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ की घटना से शुरू हुआ था। अगले दिन अमित बघेल वहां पहुंचे और न केवल प्रदर्शन किया, बल्कि पुलिस के साथ उनके समर्थकों की झड़प भी हुई। बाद में मूर्ति को पुनः स्थापित कर दिया गया और आरोपी को पकड़ लिया गया, जो मानसिक रूप से बीमार बताया गया।
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