जयपुर , फरवरी 04 -- राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सेेमीकंडक्टर पॉलिसी की पहल की है और उसने इस नीति के तहत जोधपुर-पाली-मारवाड़ और कंकाणी तथा अन्य उपयुक्त औद्योगिक क्षेत्रों को प्रायोरिटी सेमीकंडक्टर कॉरिडोर्स घोषित करेगी।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इन क्षेत्रों में निवेशकों के लिए फास्ट-ट्रेक लैण्ड अलॉटमेंट, यूटिलिटी कॉर्डिनेशन और सिंगल विण्डो रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया जाएगा। इस पॉलिसी का प्रमुख उद्देश्य आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेम्बली एण्ड टेस्ट (ओएसएटी), असेम्बली, टेस्टिंग, मार्किंग एण्ड पैकेजिंग (एटीएमपी) और सेंसर्स के क्षेत्रों में एंकर निवेश को आकर्षित करना है। साथ ही, विश्व-स्तरीय सेमीकंडक्टर पार्कों के विकास के साथ-साथ फैबलेस डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना भी है। नीति के तहत इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत परियोजनाओं को आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान दिए जाएंगे। यह नीति सेमीकंडक्टर क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देगी और उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित भी करेगी।

सेमीकंडक्टर्स इंडस्ट्रीज के सुचारू संचालन के साथ-साथ निवेशकों को सुगम एवं सुलभ सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए इस नीति में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। राज्य सरकार निवेशकों को पानी एवं बिजली सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करेगी।

प्रदेश में निवेशकों को सेमीकंडक्टर यूनिट्स की स्थापना के लिए राजनिवेश पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी की क्रियान्विति के लिए दो समितियांे-स्टेट लेवल सेंक्शनिंग कमेटी (एसएलएफसी) और स्टेट एम्पॉवर्ड कमेटी का गठन किया जाएगा वहीं उद्योग एवं वाणिज्यिक विभाग नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा।

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