गांधीनगर , जनवरी 21 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को गांधीनगर में आयोजित स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की 26वीं बैठक में जानकारी दी गई कि बनासकांठा के जेसोर भालू अभयारण्य को भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा भालू संरक्षण के राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

श्री पटेल के समक्ष इस बैठक में प्रस्तुत विवरण में बताया गया कि रतनमहल अभयारण्य में बाघ की मौजूदगी देखी गई है और वहां उसके स्थायी रूप से बसने की पूरी संभावनाएं हैं।

इस संदर्भ में एनटीसीए की सहभागिता से इस क्षेत्र में बाघ संरक्षण एवं देखभाल के लिए सामुदायिक सहभागिता प्रशिक्षण स्थानीय लोगों को देने की योजना पर भी इस बैठक में सार्थक चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री पटेल ने वन विभाग को राज्य के संरक्षित वन क्षेत्रों में पर्यटकों/विजिटर्स की बढ़ती संख्या के कारण वन्यजीव जगत को किसी भी प्रकार का नुकसान या व्यवधान न हो, इसकी विशेष सावधानी रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने बैठक में इस उद्देश्य से इको-टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ विजिटर्स पॉलिसी गाइडलाइंस तैयार करने के दिशानिर्देश दिए। इस बैठक में गुजरात में तेंदुओं की बढ़ती संख्या तथा रेस्क्यू किए गए तेंदुओं सहित तेंदुओं के लिए निकट भविष्य में अभयारण्य स्थल सुनिश्चित करने की योजना पर भी चर्चा की गई।

इस बैठक में मुख्यमंत्री पटेल, वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया तथा राज्य मंत्री प्रवीन माली के समक्ष अभयारण्य/नेशनल पार्क में सड़क-रास्ते, जल आपूर्ति, ऑप्टिकल फाइबर, रिन्यूएबल एनर्जी, बिजली के लिए ट्रांसमिशन लाइन आदि से संबंधित लगभग 18 विभिन्न प्रस्ताव स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किए गए।

विधायकगण महेश कसवाला, देवाभाई मालम, मालतीबेन महेश्वरी आदि ने सहभागिता करते हुए वन्यजीव संरक्षण के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस बैठक का संचालन वन्य प्राणी जगत के प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. जयपालसिंह ने किया।

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