लखनऊ , जनवरी 09 -- 'एक जिला-एक उत्पाद' योजना की तर्ज पर शुरू किए गए 'एक जेल-एक उत्पाद' योजना को लेकर उत्तर प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जेलों में तैयार किए जा रहे उत्पादों को मेलों, प्रदर्शनियों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाया जाए। इससे न केवल उत्पादों को बाजार मिलेगा, बल्कि बंदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की कारागार एवं सुधार सेवाएं विभाग की समीक्षा करते हुए प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने मुख्यालय में स्थापित एआई आधारित वीडियो वॉल 'जार्विस' की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और इसकी उपयोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से जेलों की निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। इसके पश्चात विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से कारागारों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया।
कारागार मंत्री ने पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश की सभी जेलों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता सुनिश्चित करने, संवेदनशील बंदियों की लाइव निगरानी, पीसीओ संचालन व्यवस्था, नवीन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा जेल कर्मचारियों के नियमित ड्यूटी परिवर्तन पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके साथ ही आकस्मिक तलाशी और रात्रिकालीन गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि कारागार विभाग का मुख्य उद्देश्य बंदियों को सुरक्षित, स्वस्थ और नैतिक रूप से सुदृढ़ बनाते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने जेल अधीक्षकों को नियमित आकस्मिक निरीक्षण करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही वृद्ध और बीमार बंदियों के मामलों में संवेदनशीलता बरतते हुए समयपूर्व रिहाई से जुड़े प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया।
बैठक में पी.सी. मीना, धमेन्द्र सिंह, पी.एन. पांडेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने उत्तर प्रदेश की कारागार व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर एक रोल मॉडल के रूप में स्थापित करने का संकल्प दोहराया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित