नयी दिल्ली , अक्टूबर 30 -- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत संचालित सरकारी ई-खरीद मंच (जेम) का दायरा मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रहा है और राज्य के 86,000 से ज्यादा विक्रेताओं ने इस प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रोफाइल ( परिचय प्रस्तुत करने) का काम पूरी कर लिया है।
मंत्रालय की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार शुरुआत से ही इस मंच के जरिए मध्य प्रदेश के सूक्ष्म और लघु उद्यमों को मध्य प्रदेश के विभागों और प्रतिष्ठानों से खरीद के 5,523 करोड़ रुपए के आर्डर मिले हैं।
इसके अलावा इस मंच पर मध्य प्रदेश के पंजीकृत विक्रेताओं अन्य राज्यों के खरीदारों से 2,030 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार के विभागों और उपक्रमों से 20,298 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि ये आर्डर राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद प्रणाली में राज्य के बढ़ते एकीकरण को दर्शाती है और स्थानीय उद्यमों को व्यापक सरकारी बाजार तक पहुंच प्रदान करने में जेम की भूमिका को उजागर करती है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि जेम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिहिर कुमार ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव अनुराग जैन से भोपाल में मुलाकात की और राज्य में जेम प्लेटफॉर्म को अपनाने तथा उसके उपयोग को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
इस बैठक के माध्यम से केंद्रीय और राज्य मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त निकायों, स्थानीय संस्थानों और पंचायती राज संस्थाओं सहित सभी सरकारी खरीदारों के लिए एकीकृत, पारदर्शी और कुशल ऑनलाइन खरीद प्रणाली प्रदान करने के जेम के मुख्य उद्देश्य के बारे में जानकारी दी गयी।
दोनों पक्षों ने राज्य के भीतर सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता, समावेशिता और जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए अधिक मजबूत और सुव्यवस्थित खरीद ढांचा विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर राज्यों के खरीद नियमों को सामान्य वित्तीय नियमों और जेम के नियमों और शर्तों के अनुरूप बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। गृह मंत्रालय को भी पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी विभागों ,उपक्रमों की ओर से की जाने वाली खरीद जेम के माध्यम से ही हो।
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