तिरुवनंतपुरम , अप्रैल 05 -- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने रविवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में आयोजित हेल्थ आउटरीच कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश की स्वास्थ्य नीति और बीते वर्षों में हुए बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की स्वास्थ्य नीति अब केवल इलाज तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें रोकथाम, प्रोत्साहन, पुनर्वास और बुजुर्गों की देखभाल जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया है।
श्री नड्डा ने बताया कि वर्ष 2017 में लाई गई नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के बाद देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आया है। अब सरकार केवल बीमारियों के इलाज पर ही नहीं, बल्कि उनकी रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य पर भी ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में शासन व्यवस्था और राजनीतिक कार्यसंस्कृति में बड़ा बदलाव आया है। सरकार की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनी है।
श्री नड्डा ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जहां छह नए एम्स की शुरुआत की थी, वहीं पिछले 11 वर्षों में 16 नए एम्स स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों की संख्या में 111 प्रतिशत और पीजी सीटों में 172 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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