लातेहार , नवम्बर 12 -- झारखंड सरकार के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नई दिशा के तहत बुधवार को जेजेएमपी उग्रवादी संघठन के पांच लाख के इनामी सब-जोनल कमांडर ब्रजेश यादव उर्फ राकेश ने पुलिस के समक्ष आज आत्मसमर्पण कियाराकेश के साथ एरिया कमांडर अवधेश लोहरा उर्फ रोहित ने पलामू आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा व 11 वीं बटालियन सीआरपीएफ कमांडेंट यादराम बुनकर एवं एसपी कुमार गौरव के समक्ष पुलिस मुख्यालय लातेहार में सरेंडर किया।

उग्रवादी अवधेश लोहरा उर्फ रोहित लोहरा लातेहार जिले के हेरहंज थाना क्षेत्र के बंदुआ व ब्रजेश यादव गुमला जिले के कठोकवा ग्राम का रहने वाला है।

पुलिस अधिकारियों ने दोनों उग्रवादियों को बुके, शॉल भेंटकर और माला पहनाकर समाज के मुख्य धारा में आने के लिए बधाई दी। सरेंडर के समय दोनों उग्रवादी की पत्नी मौजूद थी।

पलामू आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने सभी उग्रवादी संगठनों के उग्रवादियों से सरेंडर कर सरकार के आत्मसमपर्ण व पुर्नवास नीति का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरेंडर नहीं करने पर पुलिस की गोली उन्हें अपना शिकार बनायेगी। 11 वीं बटालियन के कमांडेंट याद राम बुनकर ने कहा कि उग्रवादियों के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है और इसमें सफलता मिल रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस व सीआरपीएफ के द्वारा चलाये जा रहे लगातार छापामारी अभियान में संगठन कमजोर हुआ है।

पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि ब्रजेश यादव उर्फ राकेश करीब बीस वर्षों में माओवादी एवं जेजेएमपी के सक्रिय सदस्य रहे है।

माओवादी संगठन में सक्रिय रहने के क्रम में वर्ष 2010 में गिरफ्तार होकर जेल गये थे। वर्ष 2018 में जेल से बाहर आने के बाद जेजेएमपी के सक्रिय सदस्य रहकर वर्तमान में गुमला के सबजोनल कमाण्डर के पद पर थे एवं कई कांडों में वांछित है और कई पुलिस मुठभेड़ में इनकी संलिप्ता रही है। इनके फिरार रहने के स्थिति में इनके विरुद्ध पांच लाख का ईनाम घोषित है। उग्रवादी बज्रेश यादव पर गुमला, लातेहार व पलामू जिले के थाना में कांड संख्या 17 सीएलएक्ट के तहत 10 मामला दर्ज है। जबकि अवधेश लोहरा उर्फ रोहित लोहरा पर जिले में 17 सीएलएक्ट के तहत पांचमामला दर्ज है।

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