श्रीनगर , जनवरी 16 -- जम्मू - कश्मीर चिकित्सा परिषद (जेकेएमसी) ने पिछले साल रिकॉर्ड 2,381 स्थायी पंजीकरण किये, जो 2024 के मुकाबले 80 प्रतिशत ज्यादा है।

जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा पद्धति को विनियमित करने के लिए जिम्मेदार वैधानिक निकाय जेकेएमसी के अध्यक्ष एस मोहम्मद सलीम खान ने कहा, "यह 2024 के 1,324 पंजीकरणों के मुकाबले 80 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाता है, जो क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा कार्यबल की क्षमता को मजबूत करने की परिषद की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"उन्होंने कहा कि जेकेएमसी ने 2025 में 939 विदेशी (एफएमजी) स्थायी पंजीकरण जारी किये, जो पिछले वर्ष के 584 के मुकाबले दोगुने से भी अधिक हैं। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के मेडिकल कॉलेजों से निकलने वाले छात्रों के 1,252 स्थायी पंजीकरण और 190 स्थायी पारस्परिक पंजीकरण किये गये। यह इस तथ्य के कारण है कि जम्मू-कश्मीर के बाहर के वे सभी डॉक्टर जो विभिन्न सेवाओं के लिए यहां आते हैं, उनके लिए जम्मू -कश्मीर चिकित्सा परिषद में पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

जेकेएमसी अध्यक्ष ने कहा कि इसमें देश भर के वे डॉक्टर भी शामिल हैं, जिन्हें पीजी नीट और डीएनबी पाठ्यक्रमों के तहत जम्मू-कश्मीर के मेडिकल कॉलेजों/संस्थानों में उच्चतर पाठ्यक्रमों के लिए चुना गया है।श्री खान ने कहा कि अतिरिक्त पंजीकरण 1,045 तक पहुंच गये, जिससे योग्यताओं और गतिशीलता की बढ़ती मांग को दर्शाया गया है।

परिषद ने 783 अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी), 231 अच्छे आचरण का प्रमाणपत्र जारी किये और 125 सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) क्रेडिट को सुविधाजनक बनाया, जिससे पेशेवर मानकों में सुधार हुआ।

जेकेएमसी ने वर्ष 2021 से 2025 तक कुल 6,082 स्थायी पंजीकरण किये, जिसमें 2025 का योगदान पिछले पांच साल के कुल पंजीकरण का 40 प्रतिशत था।

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