अमृतसर , जनवरी 02 -- पंजाब में पावर सेक्टर के कर्मचारियों, इंजीनियरों और पेंशनर्स की जॉइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) ने शुक्रवार को अमृतसर में बॉर्डर ज़ोन ऑफिस के सामने राज्यव्यापी आंदोलन के तहत अपना पहला ज़ोनल विरोध प्रदर्शन किया।
इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारियों, इंजीनियरों, पेंशनरों और किसान यूनियनों ने हिस्सा लिया। यह विरोध प्रदर्शन पावरकॉम की ज़मीन/प्रॉपर्टीज़ की बिक्री, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 को रद्द करने और राज्य सेक्टर के तहत रोपड़ थर्मल प्लांट में दो सुपर क्रिटिकल 800 मेगावाट यूनिट लगाने की मांग को लेकर किया गया था।
इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव अजयपाल सिंह अटवाल, प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह खटरा, वरिष्ठ उपप्रधान दविंदर सिंह, ज़ोनल अध्यक्ष इकबाल सिंह, टीएसयू के ज़ोनल सचिव विमल कुमार, कुलदीप सिंह उधोके, हरप्रीत सिंह, पेंशनर्स एसोसिएशन के कुलदीप सिंह खन्ना और किसान यूनियनों के अन्य लोगों ने भी सभा को संबोधित किया।
श्री अटवाल ने कहा कि पंजाब सरकार मुद्रीकरण की आड़ में अलग-अलग शहरों में पावरकॉम की अलग-अलग ज़मीनों को बेचने की योजना बना रही है। वक्ताओं ने मांग की कि इन ज़मीनों की बिक्री प्रक्रिया को तुरंत रोका जाये और इन प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करने के लिए उचित योजनायें लागू की जायें। उन्होंने कहा कि पंजाब में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, केंद्र सरकार ने रोपड़ में दो नयी 800 मेगावाट सुपरक्रिटिकल थर्मल यूनिट लगाने की मंज़ूरी दी है, हालांकि, राज्य सरकार ने अभी तक इस दिशा में कोई खास कदम नहीं उठाया है। सरकार को इन यूनिट को निजी क्षेत्र में नहीं, बल्कि राज्य सेक्टर में लगाने के लिए कदम उठाने चाहिए।
इसके अलावा, केंद्र सरकार ने बिजली संशोधन विधेयक, 2025 को टिप्पणियों के लिए राज्य सरकारों को भेजा है, जिसे राज्य सरकार ने अभी तक नहीं भेजा है। अगर बिजली संशोधन विधेयक 2025 पास हो जाता है, तो बिजली वितरण क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोल दिया जाएगा ताकि वे निजी क्षेत्र की बिजली वितरण कंपनियों के इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर सकें।
संघर्ष कार्यक्रम के अनुसार, छह जनवरी को बठिंडा में ज़ोनल विरोध प्रदर्शन धरने आयोजित किये जाएंगे, जॉइंट एक्शन कमेटी ने राज्य सरकार से आगे अपील की है कि पावर सेक्टर विरोधी फैसलों को तुरंत वापस लिया जाये जिससे विभाग में औद्योगिक शांति बनी रहे।
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