जयपुर , नवंबर 10 -- राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर किसानों के साथ वादाखिलाफी पर सवाल उठाते हुए उसे अपने ही घोषणा पत्र की याद दिलाई है।
श्री जूली ने सोमवार को अपने बयान में कहा कि भाजपा ने किसानों से घोषणा पत्र में मूंगफली, मूंग, उड़द समेत कई दलहन और तिलहन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद व कोटा दोगुना करने की बात कही थी लेकिन दो साल बीतने के बाद भी यह सिर्फ कोरे वादे बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र कहा गया था कि प्रदेश में चना मूंग और उड़द जैसी दालों को एमएसपी पर खरीदा और लक्ष्य को भी दुगुना किया जायेगा लेकिन हकीकत यह है कि पूरे प्रदेश के अंदर इसकी खरीद न के बराबर की जा रही है, लक्ष्य दुगुना करने की बात करने वाले अब छुप गए हैं और एमएसपी पर खरीद हो नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि बीकानेर और जोधपुर संभाग में जहां इन फसलों की अधिक से अधिक खेती की जाती है वहां किसानों को धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। दो साल का समय बीत चुका है और इन दो सालों में हमेशा यह हालात पैदा हुए हैं कि न मूंगफली को खरीदा है न इस प्रकार की इन फसलों को खरीदा है।
श्री जूली ने राज्य सरकार पर बजट के दौरान भी एमएसपी पर खरीद करने का कहने और फिर वादे से मुकर जाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों से किया वादा भूलकर व्यापारियों के हित साधने में लगी है , "किसान को टोकन नहीं मिलता है लेकिन मिलीभगत से व्यापारियों टोकन जारी कर दिए जाते हैं।
उन्होंने अलवर के प्याज उत्पादक किसानों के आर्थिक संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विश्व प्रसिद्ध अलवर का प्याज आज किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है। उचित मूल्य न मिलने के कारण किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं और आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्याज उत्पादक किसानों को भाव-अंतर सहायता दी जाए तथा निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
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