नयी दिल्ली/गुंटूर , दिसंबर 04 -- केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम और राज्य की जनजातीय कल्याण एवं महिला एवं बाल कल्याण मंत्री गुम्मिडी संध्या रानी ने गुंटूर जिले में गुरुवार को राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (नेस्ट्स) द्वारा आयोजित छठवें राष्ट्रीय ईएमआरएस सांस्कृतिक एवं साहित्यिक उत्सव और कला उत्सव 'उद्भव 2025' का उद्घाटन किया।

यह आयोजन वड्डेश्वरम स्थित केएल विश्वविद्यालय में आंध्र प्रदेश आदिवासी कल्याण आवासीय शैक्षणिक संस्थान सोसाइटी (एपीटीडब्ल्यू आर ई आईएस) की मेजबानी में शुरू किया गया है।

इस वर्ष के उत्सव का उद्देश्य जनजातीय युवाओं को सशक्त बनाना और देश की विविध जनजातीय संस्कृतियों को एक मंच पर प्रस्तुत करना है। कार्यक्रम में छात्रों के लिए 35 से अधिक सांस्कृतिक, साहित्यिक और दृश्य कला प्रतियोगिता आयोजित की जा रही हैं, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने और सीखने का अवसर मिलता है।

प्रधानमंत्री के समावेशी विकास और जनजातीय सशक्तिकरण के विज़न को आगे बढ़ाते हुए 'उद्भव 2025' अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास को तेज़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मंच जनजातीय छात्रों को अपनी रचनात्मकता व्यक्त करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का अवसर देता है।

इस आयोजन में देशभर के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) के 2,000 से अधिक जनजातीय छात्र भाग ले रहे हैं। वे विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन करेंगे।

उत्सव में गायन, वाद्य संगीत, नृत्य, रंगमंच, दृश्य कला और साहित्य सहित कुल 48 विधाओं में प्रतियोगिताएँ होंगी। विभिन्न श्रेणियों में विजेता छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले आगामी कला उत्सव में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा, जो महाराष्ट्र के पुणे स्थित यशवंतराव चव्हाण प्रशासन अकादमी (यशदा) में होगा, जहाँ वे पूरे भारत की 38 टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित