बारां , जनवरी 10 -- राजस्थान में बारां के इंदिरा मार्केट निवासी और सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक डॉ. नरेंद्र कुमार चौहान (78) का शनिवार को निधन हो गया।

अपना पूरा जीवन मूक पशुओं की चिकित्सा और सेवा में समर्पित करने वाले डॉ. चौहान ने मृत्यु के बाद भी मानवता का साथ नहीं छोड़ा। उनके निधन के पश्चात, शोक संतप्त परिवार ने असीम धैर्य का परिचय देते हुए उनका मरणोपरांत नेत्रदान करवाकर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।

डॉ. चौहान के देव लोकगमन की सूचना मिलते ही भारत विकास परिषद के सदस्य राजेंद्र डंग, हरीश विजय ने तुरंत सजगता दिखाई। नेत्रदान के महत्व को समझते हुए उन्होंने शाइन इंडिया फाउंडेशन के जिला संयोजक हितेश खंडेलवाल से संपर्क किया। इसके बाद हितेश खंडेलवाल ने बिना समय गंवाए शाइन इंडिया फाउंडेशन कोटा से समन्वय स्थापित किया। इसके पश्चात कोटा से शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ. कुलवंत गौड़ ने बारां पहुंचकर डॉ. चौहान का नेत्र उत्सर्जन की प्रक्रिया को सम्मानपूर्वक और सफल रूप से संपन्न कराया।

डॉ. चौहान- अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कैलाश बाई, पुत्र ओम चौहान और दो पुत्रियां हेमलता और रीना चौहान हैं। पिता के बिछड़ने के गहरे आघात के बीच भी पुत्र ओम चौहान और बेटियों ने समाज हित में यह साहसिक निर्णय लिया।

हितेश खंडेलवाल ने बताया कि जीवन भर एक पशु चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाएं देते रहे और विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके द्वारा किए गए नेत्रदान से अब दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में उजियारा हो सकेगा।

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