शिवपुरी , मार्च 1 -- मध्यप्रदेश में शिवपुरी जिले के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रज की तर्ज पर लठमार होली खेलने की परंपरा आज भी जीवंत है। होलिका दहन के अगले दिन से लेकर रंग पंचमी तक शिवपुरी के निकटवर्ती गांवों तथा पोहरी अनुभाग के कई ग्रामीण इलाकों में यह परंपरा उत्साह के साथ निभाई जाती है।
ग्रामीण बुजुर्गों के अनुसार यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। लठमार होली के दौरान महिलाएं समूह बनाकर बड़े-बड़े डंडे लेकर खड़ी हो जाती हैं। जब पुरुष रंग लगाने का प्रयास करते हैं तो महिलाएं प्रतीकात्मक रूप से डंडों से प्रहार कर उन्हें रोकती हैं। यह आयोजन हंसी-मजाक और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न होता है।
इस दौरान विशेष सावधानी बरती जाती है कि डंडे की चोट सिर, आंख या शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर न लगे, ताकि किसी को चोट न पहुंचे। परंपरा और उत्सव के संतुलन के साथ यह होली खेली जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह अनूठी परंपरा आज भी सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनी हुई है।
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