अहमदाबाद , दिसंबर 06 -- गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (जीटीयू) शनिवार को घोषणा की कि वह लगातार आठवें वर्ष स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2025 के सॉफ्टवेयर संस्करण के ग्रैंड फिनाले की मेजबानी कर रही है।
जीटीयू की कुलपति डॉ. राजुल गज्जर ने बताया कि यह राष्ट्रीय आयोजन स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर-इसरो (एसएसी-आईएसआरओ) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है और देशभर के प्रतिभाशाली युवा नवाचारकर्ताओं को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान हेतु एक मंच प्रदान करता है।
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन, वर्ष 2017 में शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (एमआईसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने प्रारंभ किया था। यह पहल छात्रों को मंत्रालयों, उद्योगों, सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की प्रस्तुत वास्तविक समस्या पर कार्य करने का अवसर देती है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 का संस्करण राष्ट्रीय स्तर पर अभूतपूर्व भागीदारी लेकर आया। इस वर्ष कुल 72,165 विचार और 68,766 टीमों ने अपने समाधान प्रस्तुत किए। देशभर के 2,587 उच्च शिक्षा संस्थानों ने आंतरिक हैकाथॉन आयोजित किए, जिनमें 8,26,635 छात्र शामिल हुए, जिनमें 3,34,456 छात्राएँ शामिल हैं। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा 271 समस्या कथन दिए गए, जिन्हें 58 केंद्रीय मंत्रालयों, 15 राज्य विभागों और 7 सार्वजनिक उपक्रमों एवं उद्योग भागीदारों ने मिलकर प्रस्तुत किया।
कड़े चयन प्रक्रिया के बाद 8,160 छात्रों की 1,360 टीमें देशभर में स्थित 60 नोडल केंद्रों पर आयोजित ग्रैंड फिनाले के लिए चुनी गईं। इन केंद्रों में 42 सॉफ़्टवेयर और 18 हार्डवेयर नोडल केंद्र शामिल हैं, जहाँ छात्र निरंतर मार्गदर्शन के तहत नवाचारी समाधान विकसित करते हैं।
जीटीयू के अहमदाबाद स्थित नोडल केंद्र पर 18 राज्यों से 55 टीमें, 330 छात्र और 28 मेंटर भाग ले रहे हैं, जो 11 राष्ट्रीय समस्या कथनों पर कार्य कर रहे हैं। जीटीयू से कुल 18 टीमें राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुईं, जिनमें से एक टीम जीटीयू में आयोजित फिनाले में प्रतिस्पर्धा कर रही है। एसआईएच 2024 में जीटीयू ने 48 टीमों की मेजबानी की थी। वर्ष 2024 की तुलना में इस वर्ष सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। संस्थानों की भागीदारी में 15.13 प्रतिशत, टीम पंजीकरण में 61.77 प्रतिशत, छात्र पंजीकरण में 67.69 प्रतिशत, महिला भागीदारी में 75.38 प्रतिशत और राष्ट्रीय नामांकनों में 37.83 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
जीटीयू अब तक 840 से अधिक स्टार्टअप्स का पोषण कर चुका है और 4,129 छात्र परियोजनाओं का समर्थन कर चुका है। संस्थान ने 27 करोड़ रुपये की फंडिंग में सहायता प्रदान की, जिससे जुड़े स्टार्टअप्स ने 171 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया और 4,850 से अधिक रोजगार उत्पन्न हुए। 287 पेटेंट दर्ज किए गए और जीटीयू स्टार्टअप इकोसिस्टम का कुल मूल्यांकन 830 करोड़ रुपये से अधिक पहुँच चुका है।
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