नयी दिल्ली , दिसंबर 22 -- मुख्य रूप से वाहनों की फाइनेंसिंग करने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) श्रीराम फाइनेंस ने सोमवार को कहा कि जीएसटी सुधारों के कारण उसके कारोबार में 15 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि हुई है।

श्रीराम फाइनेंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष उमेश रेवणकर ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में गत 22 सितंबर से किये गये सुधारों के कारण कंपनी के कारोबार में 15 प्रतिशत का अतिरिक्त इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बाद वाहनों की बिक्री बढ़ी है, लेकिन यह अब भी अपने पुराने शिखर पर नहीं पहुंची है। इसलिए इस क्षेत्र में विकास की काफी संभावना है।

जापान के एमयूएफजी बैंक द्वारा कंपनी में लगभग 4.4 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा के बाद पहली बार संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री रेवणकर ने कहा कि इस पूंजी का इस्तेमाल कारोबार के विस्तार में किया जायेगा। कंपनी अगले दो साल में 300 तक नयी शाखाएं खोलेगी जिसमें 3,500 लोगों को रोजगार मिलेगा।

उन्होंने बताया कि फिलहाल कंपनी का 55 प्रतिशत कारोबार ग्रामीण इलाकों में और 25 प्रतिशत अर्धशहरी क्षेत्रों में है। महज 20 प्रतिशत कारोबार शहरी क्षेत्रों में है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्थित सभी 600 सुदूर केंद्रों को भी जल्द ही शाखाओं में बदलने की योजना है।

कंपनी द्वारा दिये गये मौजूदा एसेट पोर्टफोलियो में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी वाहन ऋण और 14.4 प्रतिशत छोटे तथा मझौले उद्योगों को दिये गये ऋण की है।

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