गांधीनगर , जनवरी 02 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को गांधीनगर में गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) के 3084 ड्राइवर तथा 1658 हेल्पर स्तरीय उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

श्री पटेल ने नियुक्ति पत्र प्रदान समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सड़क परिवहन निगम की बसों के ड्राइवर सुदूरवर्ती लोगों तक पहुँचते हैं। इसलिए ये बस चालक सुरक्षित सवारी के साथ समय पालन की बड़ी जिम्मेदारी का वहन कर सरकार की इमेज का निर्माण करने वाले महत्वपूर्ण अंग हैं। प्रधानमंत्री ने छोटे से छोटे व्यक्ति तक सड़क-मार्ग, बिजली- पानी, स्वास्थ्य सेवा, बस सेवा जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाने वाला विकास सुनिश्चित किया है।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त उम्मीदवारों को राज्य की परिवहन व्यवस्था का प्रहरी बताया। इस संबंध में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य की परिवहन व्यवस्था का कायाकल्प किया और पुरानी-जर्जर बसों के स्थान पर एसी वॉल्वो जैसी बसें आज नागरिकों की सेवा में कार्यरत की गई हैं। राज्य सरकार ने परिवहन में जो आधुनिक सुविधाएँ मुहैया कराई हैं, उनका अच्छी तरह जतन करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बस ड्राइवरों तथा हेल्परों के सिर है। उन्होंने नवनियुक्त उम्मीदवारों का राज्य की आधुनिक सुविधाओं से सज्ज बसों में स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया और इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जन सारथी ड्राइविंग स्कूल का शुभारंभ भी किया।

इस अवसर पर राज्य के नागरिकों की सुख-सुविधा के लिए 365 दिन और 24 घण्टे कार्यरत विभागों के कर्मचारियों को अभिनंदन देते हुए उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि जब पूरी दुनिया त्योहार मनाती है, तब गुजरात के कुछ विभाग एक मिनट के लिए भी ठहरते नहीं हैं। अस्पतालों, पुलिस थानों, फायर ब्रिगेड तथा बिजली विभाग की तरह एसटी निगम के सभी कर्मचारियों की सेवाएँ हमेंशा कार्यरत रहती हैं। रात-दिन, ठंड-गर्मी-बरसात देखे बिना काम करने वाले इन कर्मयोगियों की मेहनत ही गुजरात के सुशासन का सच्चा आधारस्तंभ है। उन्होंने कर्मयोगियों की अविरत जन सेवा की ज्योत को मंच से दिल से सैल्यूट किया।

परिवहन क्षेत्र में भावी लक्ष्य निर्धारित करते हुए श्री संघवी ने कहा कि दैनिक अनुमानित 24 लाख यात्रियों को परिवहन सेवा प्रदान करने वाले एसटी निगम ने वर्ष 2025 तक 27 लाख यात्रियों को सेवा प्रदान करने का एक लक्ष्य निर्धारित किया था। निगम ने दैनिक 27 लाख यात्रियों को सेवा देने के लक्ष्य को निर्धारित समय में प्राप्त किया है, जो गर्व की बात है। अब 2027 तक इस लक्ष्य को बढ़ाकर 30 लाख तक पहुँचाने का सरकार का संकल्प है। एक अध्ययन के अनुसार यह लक्ष्य प्राप्त होगा, तो हाईवे लोड में तो कमी आएगी ही, साथ ही सार्वजनिक मार्गों पर चलने वाले फोर व्हीलरों की संख्या 25 हजार और टू व्हीलरों की संख्या लगभग एक लाख घटेगी, जो प्रदूषण के साथ यातायात बोझ कम करने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

इसके अलावा, हाल में नौ लाख विद्यार्थी एसटी बसों का लाभ ले रहे हैं, जिसे बढ़ाकर 10 लाख तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अगर हम 10 लाख विद्यार्थियों तक पहुँच सकेंगे, तो और एक लाख परिवारों को सीधी सहायता मिलेगी और उन एक लाख बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने में हमारा योगदान जुड़ेगा।

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