अमृतसर , दिसंबर 27 -- गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) अमृतसर ने अपने गांव गोद लेने के कार्यक्रम के तहत, शनिवार को अजनाला तहसील के गग्गर गांव को औपचारिक रूप से गोद लिया है, जो हाल की बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ था।
जीएनडीयू के कुलपति डॉ. करमजीत सिंह ने गग्गर गांव के बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए लगाए गए राहत शिविर के उद्घाटन पर बोलते हुए कहा इस गांव के पूरे विकास की ज़िम्मेदारी यूनिवर्सिटी की बन गयी है। अगले छह महीनों में गांव में प्राइमरी एजुकेशन और बेसिक हेल्थ सुविधाएं देने की पूरी कोशिश की जाएगी। इससे पहले, कार्यक्रम का उद्घाटन नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) के समन्वयक प्रो. बलबीर सिंह ने किया और गांव के विकास के लिए प्रोग्राम की रूपरेखा बतायी। उन्होंने एनएसएस की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा कि ऐसी पहल से छात्रों में सेवा, दया और सामाजिक ज़िम्मेदारी की भावना पैदा होती है।
प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह ने गांववालों को संबोधित करते हुए दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव की बधाई दी और छोटे साहिबज़ादे और माता गुजरी जी के शहीदी दिवस को याद किया, और ऐलान किया कि गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी गांव के हर तरह के विकास की पूरी ज़िम्मेदारी लेती है। उन्होंने गांव में एक प्राइमरी स्कूल और हेल्थ सुविधा तक न होने पर हैरानी जताई और कहा कि यूनिवर्सिटी श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर है, इसलिए गुरु जी की कृपा से गांव में प्राइमरी शिक्षा और बेसिक हेल्थ सुविधाएं देने की पूरी कोशिश की जायेगी। इससे पहले, उन्होंने हर तरह के विकास कामों का उद्घाटन किया और फिर ज़रूरतमंद परिवारों को कंबल, स्वेटर और गर्म चादरें बांटीं।
यूनिवर्सिटी की जनकल्याणकारी पहलों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पहले अमृतसर को साफ़-सुथरा बनाने के लिए एक बड़ा सफ़ाई अभियान चलाया गया था, जिसमें एनएसएस वॉलंटियर्स ने कैंपस से लेकर पुतलीघर चौक तक सफ़ाई की और स्थानीय प्रशासन का साथ दिया। गग्गर गांव को गोद लेना और रिलीफ़ कैंप इसी कड़ी में अगले कदम हैं।
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