शिलांग , मार्च 15 -- मेघालय सामाजिक संगठन परिसंघ (सीओएमएसओ) ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) पर गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद चुनाव में गैर-आदिवासियों की भागीदारी को लेकर "निष्क्रियता और दोहरे रवैये" का आरोप लगाया है।

सीओएमएसओ के अध्यक्ष रॉय कुपार सिनरेम ने एक बयान में कहा कि सत्ता में आठ साल रहने के बावजूद एनपीपी सरकार इस गंभीर मुद्दे पर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राज्य के स्वदेशी आदिवासी समुदायों के अधिकार, पहचान और संवैधानिक सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है, तब सरकार केवल बयानबाजी और देरी का सहारा ले रही है।

सीओएमएसओ ने कहा कि एनपीपी "मामले की जांच करेंगे" या "समस्या का समाधान करेंगे" जैसे आश्वासनों से जनता को भ्रमित नहीं कर सकती, जबकि कानूनी अस्पष्टता और खामियां अब भी बनी हुई हैं। संगठन ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गारो हिल्स स्वायत्त ज़िला परिषद की स्वायत्तता और आचिक समुदाय के अधिकारों का सम्मान करती है, तो उसे तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा इतना गंभीर है कि इसे राजनीतिक नाटक या खोखले आश्वासनों तक सीमित नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, मेघालय के स्वदेशी लोग अब ऐसी सरकार को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं जो सार्वजनिक रूप से बड़े-बड़े दावे करे लेकिन आदिवासी हितों की रक्षा के समय कमजोर पड़ जाए।

श्री सिनरेम ने कहा कि इस मामले को सुलझाने में लगातार हो रही देरी से सरकार की नीयत, प्रतिबद्धता और राजनीतिक इच्छाशक्ति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो सरकार आदिवासी अधिकारों की बुनियाद की रक्षा नहीं कर सकती, उसे शासन, न्याय या आदिवासी कल्याण की बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है।

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