वाव थराद , जनवरी 25 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने रविवार को यहां कहा कि जीआईडीसी के निर्माण से नए वाव थराद जिले के विकास को गति मिलेगी, साथ ही 'वोकल फॉर लोकल' का प्रधानमंत्री का लक्ष्य भी साकार होगा। इतना ही नहीं, सीमावर्ती जिले में युवाओं को अधिक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

श्री पटेल के करकमलों से आज इस जिले के दूधवा में गुजरात औद्योगिक विकास निगम (जीआईडीसी) द्वारा 99.23 एकड़ सरकारी भूमि पर निर्मित होने वाली औद्योगिक बस्ती का भूमिपूजन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि विकास सही अर्थों में जमीन पर साकार हो, इसके लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त होता रहता है। प्रधानमंत्री ने सड़क- मार्ग, पेयजल, स्वास्थ्य सहित प्रत्येक क्षेत्र में देश के नागरिकों की भलाई की चिंता की है और सुदूरवर्ती व्यक्ति को केंद्र में रखकर विकासोन्मुखी योजनाएं लागू की हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवगठित वाव थराद जिले का विकास भी अन्य विकसित जिलों के समान तीव्र गति से हो, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

श्री पटेल ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में कृषि के लिए तालाब, ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक पद्धतियों का व्यापक उपयोग हो रहा है, यह आनंद की बात है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूरदर्शी नेता हैं, क्योंकि आज पानी उपलब्ध है तो भविष्य में भी पानी उपलब्ध रहे; इसके लिए उन्होंने पूर्व योजना बनाई है। 'कैच द रेन' अभियान अंतर्गत अतिरिक्त वर्षा जल के संग्रह के लिए देशभर में आयोजनबद्ध अभियान चलाया गया है, जो आने वाली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक समान पुण्य कार्य है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2003 में वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत की, जिसके परिणामस्वरूप आज एमएसएमई की संख्या एक लाख 68 हजार से बढ़कर 27 लाख से अधिक हो गई है। इस मजबूत आधार के कारण देश सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर हो रहा है और आज हम सभी 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

इस अवसर पर गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी ने मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस सीमावर्ती क्षेत्र के विकास के लिए आर्थिक प्रगति के नए द्वार खोल दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का किसान मेहनती है। अनार हो या अन्य फसल यहां का उत्पादन अब तक प्रोसेसिंग के लिए राजकोट, अहमदाबाद या अन्य राज्यों में जाता था। अब दूधवा में जीआईडीसी बनने से कृषि उत्पादों का 'वैल्यू एडिशन' यहीं होगा, जिससे किसानों की आय दोगुनी होगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री ने केवल एक वर्ष की अल्प अवधि में जीआईडीसी को मंजूरी दी और आज उसका भूमिपूजन भी संपन्न कराया। साथ ही, प्रथम चरण के लिए 15 से 16 करोड़ रुपए के सड़क और बुनियादी सुविधाओं के कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

श्री शंकरभाई चौधरी ने भावुक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री ने इस सीमावर्ती क्षेत्र को नया जिला बनाकर प्रशासनिक सुविधा प्रदान की है। इतना ही नहीं, इस वर्ष यहां गणतंत्र पर्व की राज्य स्तरीय समारोह एवं ध्वजारोहण कार्यक्रम भी आयोजित कर विकास को गति दी है।

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