रायगढ़ , जनवरी 24 -- केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन एवं संस्कृति मंत्रालय के एडवोकेसी एवं आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को रायगढ़ जिला शासकीय ग्रंथालय में पठन आदतों के विकास को लेकर एक गरिमामय व्याख्यान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि जागृत करना तथा पठन-पाठन की संस्कृति को प्रोत्साहित करना रहा।

समारोह में मुख्य अतिथि सांसद राधे श्याम राठिया उपस्थित रहे। अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में पुस्तकों से जुड़ाव बनाए रखना विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं की पठन रुचि की विशेष सराहना करते हुए इसे समाज के बौद्धिक एवं सांस्कृतिक विकास का सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य निर्धारण करने और पुस्तकों को जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में पढ़ने की आदतों में कमी देखी जा रही है, जिसका प्रभाव उनके शैक्षणिक एवं मानसिक विकास पर पड़ता है। इसी स्थिति को सुधारने और अध्ययन संस्कृति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ऐसे व्याख्यान समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तकें बच्चों में सोचने-समझने की क्षमता, भाषा ज्ञान एवं नैतिक मूल्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को पठन के महत्व, पुस्तकालयों की उपयोगिता तथा नियमित अध्ययन के लाभों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और वक्ताओं के विचारों से प्रेरणा प्राप्त की। अंत में आयोजकों द्वारा अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

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