हरिद्वार , मार्च 25 -- उत्तराखंड में हरिद्वार जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए हैं।

बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटना न्यूनीकरण अनुश्रवण समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने विशेष रूप से तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाने, ओवरलोडिंग और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) एवं पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को सड़कों के सभी मरम्मत कार्य समय से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने और उनकी सूची प्रस्तुत करने को कहा गया।

दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य करने तथा आवश्यक स्थानों पर साइन बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए। यातायात दबाव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने परिवहन एवं पुलिस विभाग को प्रतिदिन शाम छह बजे से रात दस बजे तक संयुक्त रूप से सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। साथ ही सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने बताया कि जनवरी से फरवरी 2026 के बीच चलाए गए अभियान में हजारों चालान किए गए हैं, जिनमें बिना हेलमेट, ओवरस्पीड, ओवरलोडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन शामिल हैं।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, एसपी क्राइम निशा यादव, सीओ ट्रैफिक बिपेंदर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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