पिथौरागढ़ , जनवरी 20 -- उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मंगलवार को जिला गंगा संरक्षण समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई जिसमें नदियों के संरक्षण एवं स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी आशीष भटगाई की अध्यक्षता में बैठक में अधिष्ठापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की समीक्षा के साथ, जिला अंतर्गत स्थित सभी घाटों की नियमित साफ-सफाई, बायोमेडिकल कचरा के उचित निस्तारण, सभी प्रमुख नदियों के संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध के साथ-साथ विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

श्री भटगाई ने समिति के अधिकारियों से नदियों में दूषित जल, ठोस अपशिष्ट (कचरा) एवं गंदगी प्रवाहित करने पर ठोस कार्रवाई के साथ ही सतत निगरानी के निर्देश दिए। यही नहीं उन्होंने अधिष्ठापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को मानकों के अनुसार चलाने व नियमित रूप से समीक्षा करने हेतु निर्देशित किया तथा अधिशासी अभियंता पेयजल निगम, गंगोलीहाट को एसटीपी निर्माण में हो रही देरी के लिए स्पष्टीकरण तलब किया है।

जिलाधिकारी ने नगर निगम एवं नगरपालिकाओं द्वारा किए जा रहे कचरा प्रबंधन कार्यों की भी समीक्षा की तथा नमामि गंगे के परियोजना अधिकारी को सभी कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही उन्होंने समस्त अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिये की वह अपने अपने निकायों में कूड़ा निस्तारण हेतु उपयुक्त भूमि का अतिशीघ्र चयन करें। समिति की बैठक में आशुतोष सिंह प्रभागीय वनाधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डीपीओ नमामि गंगे ज्योत्सना जोशी, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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