बैतूल , जनवरी 4 -- बैतूल जिला अस्पताल के शौचालय में मिले नवजात शिशु के शव के मामले में तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। शुक्रवार को अस्पताल के मुख्य भवन के शौचालय में भ्रूण मिलने से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया था।

अस्पताल की आरएमओ रानू वर्मा ने बताया कि मिला भ्रूण करीब 7 से 8 माह का था। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटनास्थल पर प्लेसेंटा नहीं मिला, जिससे यह आशंका प्रबल होती है कि शिशु का जन्म अस्पताल के बाहर कहीं हुआ और बाद में शव को लाकर शौचालय में फेंका गया। आरएमओ के अनुसार शौचालय की सफाई सुबह 7 से 8 बजे के बीच की गई थी, जबकि नवजात का शव दोपहर में मिला।

घटना के बाद पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन बताया जा रहा है कि केवल करीब पौन घंटे का ही फुटेज देखा गया। सफाई के बाद से शव मिलने तक की पूरी समयावधि के फुटेज की जांच न होने के कारण अब तक किसी संदिग्ध की स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी है। उल्लेखनीय है कि नवजात महिला प्रसूति भवन के बजाय अस्पताल के मुख्य भवन के शौचालय में मिला।

कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच चित्रा कुमरे को सौंपी है। बताया जा रहा है कि घटनास्थल का कोई वीडियो रिकॉर्ड भी नहीं किया गया, जिससे कई अहम सुराग छूटने की आशंका जताई जा रही है।

इस बीच पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में नवजात का शव शौचालय के चैंबर में मिलने की बात कही गई है, जबकि अस्पताल स्टाफ का कहना है कि शव शौचालय के अंदर पाया गया था। इस विरोधाभास के चलते घटना की वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने इस घटना को अत्यंत अमानवीय बताते हुए कहा कि आरोपी की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना से जुड़ी कोई भी जानकारी हो, तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या डायल 112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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