नयी दिल्ली , जनवरी 07 -- भारतीय ओलंपियन जिन्सन जॉनसन ने 15 साल के अपने करियर के बाद बुधवार को प्रतियोगी एथलेटिक्स से संन्यास ले लिया।

जॉनसन ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट में कहा, "एक सपने देखने वाले लड़के से, यह सफर कोलकाता से शुरू हुआ और हांगझोऊ 2023 में एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचा। थैंक यू एथलेटिक्स। कुछ सफर मीटर और सेकंड में मापे जाते हैं। कुछ आंसू, बलिदान, विश्वास और उन लोगों में मापे जाते हैं जिन्होंने आपको कभी गिरने नहीं दिया।"जिन्सन जॉनसन ने रियो 2016 ओलंपिक में पुरुषों की 800 मीटर के लिए क्वालिफाई किया था, लेकिन अपनी हीट में पांचवें स्थान पर रहे और सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूक गए। रियो 2016 में उनकी भागीदारी ने उन्हें 1980 में श्रीराम सिंह के बाद ओलंपिक में 800 मीटर के लिए क्वालिफाई करने वाला पहला भारतीय पुरुष धावक बनाया। चोटों और कोविड होने के कारण वह टोक्यो 2020 ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाए।

उन्होंने जकार्ता में 2018 एशियन गेम्स में 1500 मीटर में स्वर्ण पदक और 800 मीटर में रजत पदक जीता। उन्होंने हांगझोऊ में 2023 एशियन गेम्स में 1500 मीटर में कांस्य पदक जीता। जॉनसन ने 2015 और 2017 में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में क्रमशः रजत और कांस्य पदक भी जीते।

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