जालौन , नवंबर 12 -- उत्तर प्रदेश में जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जल जीवन मिशन, जल संस्थान एवं जल निगम की समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति जनहित से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने विकासखंड कदौरा के 22 गाँवों में पाइपलाइन बिछाने के दौरान टूटी सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताते हुए ब्रज गोपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी को 30 नवंबर तक सभी सड़कों की मरम्मत पूरी करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार, विकासखंड डकोर के 6 गाँवों में सड़क पुनर्स्थापना कार्य में लापरवाही पर उन्होंने जीवीपीआर एजेंसी को भी 30 नवंबर तक कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।

डीएम ने कहा कि पेयजल आपूर्ति से संबंधित कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए, और यदि शिकायत मिलती है तो उसका तत्काल निस्तारण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कोटरा क्षेत्र में लगातार मिल रही जलापूर्ति संबंधी शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आज ही समस्या के समाधान के आदेश दिए। साथ ही पाइपलाइन लीकेज या ट्रांसफार्मर खराबी की स्थिति में तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए।

अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत जालौन नगर में चल रही पेयजल योजना की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने जल निगम अर्बन के अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि कार्य को युद्धस्तर पर बढ़ाकर तय समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने सीएलडीएस संस्था को कोटरा, कदौरा और माहिल तालाब पर चल रहे निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर भी चेतावनी दी और शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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