जालंधर , मार्च 11 -- पंजाब में जालंधर ग्रामीण पुलिस ने बुधवार को नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में 'घेराबंदी एवं तलाश अभियान' चलाया।
जालंधर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि उन स्थानों पर विशेष जांच की गई जहाँ पुलिस को नशा बिक्री केंद्रों या अन्य नशीली गतिविधियों की सूचना मिली थी। चिन्हित क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी के लिए लगभग 300 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। रावण दी माला, महतपुर और धरमे दीयां छन्ना जैसे ड्रग हॉटस्पॉट के रूप में पहचाने गए क्षेत्रों में गहन तलाशी और जांच की गई।
श्री विर्क ने बताया कि अभियान के दौरान 04 प्राथमिकी दर्ज की गईं तथा पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही 74 नशीली गोलियां बरामद की गईं हैं और लगभग 10-12 संदिग्धों को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन का प्राथमिक उद्देश्य नशा करने वाले व्यक्तियों की पहचान करना और नशामुक्ति केंद्रों के माध्यम से उनके उपचार की सुविधा प्रदान करना है, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाया जा सके। साथ ही, नशीले पदार्थों की बिक्री या वितरण में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने कहा कि इस तरह के अभियानों से जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होता है और समाज में नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई को बल मिलता है। नशे की ओवरडोज से हाल ही में हुई मौतों की घटनाओं को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और अभियानों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जालंधर ग्रामीण पुलिस जिले में नशे की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए आने वाले दिनों में नियमित रूप से ऐसे अभियान जारी रखेगी।
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