विशाखापत्तनम , दिसंबर 07 -- भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने तीसरे एकदिवसीय में यशस्वी जायसवाल की शतकीय पारी के बाद कहा कि जिस समय उन्हें यह पता लग गया कि एकदिवसीय प्रारुप में किस शैली से बल्लेबाजी करनी है तब फिर उनके पास अनंत संभावनाएं होगी।
जायसवाल भारतीय टेस्ट दल का नियमित हिस्सा हैं लेकिन उन्होंने अब तक केवल चार एकदिवसीय मैच ही खेले हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीजी में उन्हें अवसर नियमित सलामी बल्लेबाज और कप्तान शुभमन गिल के चोटिल होने के कारण मिला।
दक्षिण अफ्रीका पर भारत की नौ विकेट से जीत के बाद गंभीर ने कहा, "वनडे क्रिकेट में जरूरी चीज यह है कि आपको पता होना चाहिए कि आप किस शैली में क्रिकेट खेलना चाहते हैं। जब आप लाल गेंद क्रिकेट खेलकर एकदिवसीय क्रिकेट खेलने आते हैं तो आपको लगता है कि यहां आपको आक्रामक शैली में खेलना है लेकिन आपको वनडे क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी करने की जरूरत नहीं है। आप इसे 30 और 20 ओवर में भी विभाजित कर सकते हैं।"उन्होंने कहा, "अगर आप 30 ओवर एकदिवसीय क्रिकेट की तरह खेलते हैं तो जो क्षमता जायसवाल के पास है वह तब तक शतक के पास होंगे। इसके बाद भी आपके पास 20 ओवर बचे होंगे और आप इस चरण में टी-20 क्रिकेट की तरह खेल सकते हैं। केवल शैली का अनुसरण जरूरी है। यह जायसवाल का चौथा मैच था। जिस समय उन्हें यह पता लग गया कि एकदिवसीय क्रिकेट में किस शैली से बल्लेबाजी करनी है तब फिर उनके पास अनंत संभावनाएं होंगी।"जायसवाल ने पूरी पारी में बल्लेबाजी की, पहले उन्होंने रोहित शर्मा के साथ पहले विकेट के लिए 155 रन जोड़े और फिर विराट कोहली के साथ 116 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए अंत तक डटे रहे। इस सीरीज में इससे पहले ऋतुराज गायकवाड़ ने भी शतक जड़ा, जो कि स्वयं भी वनडे दल का नियमित हिस्सा नहीं हैं और उन्होंने ऐसे स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़ा जिस स्थान पर वह अमूमन बल्लेबाजी नहीं करते हैं।
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